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Intrauterine growth restriction : गरà¥à¤ में नहीं बढ़ पा रहा शिशॠतो कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
जानिठइंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ के कारण और इलाज के बारे में।
Intrauterine growth restriction
जब नॉरà¥à¤®à¤² रेट पर गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠका विकास नहीं हो रहा होता है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिटारडेशन या इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ (आईयूजीआर) कहा जाता है। इसमें बचà¥â€à¤šà¤¾ अपनी उमà¥à¤° के बाकी शिशà¥à¤“ं के हिसाब से छोटा होता है। जिन बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का जनà¥â€à¤® फà¥à¤² टरà¥à¤® यानि नौ महीने के बाद होता है लेकिन उनका वजन सामानà¥â€à¤¯ से कम होता है, तो इन शिशà¥à¤“ं के लिठà¤à¥€ इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ की टरà¥à¤® इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाती है।
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ के दो रूप होते हैं - सिमेटà¥à¤°à¤¿à¤•ल और à¤à¤¸à¤¿à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल। आईयूजीआर सिमेटà¥à¤°à¤¿à¤•ल वाले शिशà¥à¤“ं का शरीर को नॉरà¥à¤®à¤² होता है लेकिन ये अपनी उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं से आकार में छोटे होते हैं।
à¤à¤¸à¤¿à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल आईयूजीआर में शिशॠके सिर का आहार नॉरà¥à¤®à¤² होता है लेकिन शरीर नॉरà¥à¤®à¤² से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ छोटा होता है। अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में इन शिशà¥à¤“ं का सिर शरीर से बड़ा दिखाई देता है।
Pregnancy के तीसरे महीने में हिचकियां लेने लगा है आपका बचà¥â€à¤šà¤¾
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£
कई महिलाओं को इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान ही डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से पता चलता है। वहीं कà¥à¤› महिलाओं को डिलीवरी के बाद ही इसके बारे में पता चलता है। इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ में à¤à¥à¤°à¥‚ण में आपको कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं।
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ वाले शिशà¥à¤“ं में निमà¥â€à¤¨ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है :
ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेवल कम होना
लो बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र
बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनना
शरीर का तापमान संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ न बने रहना
à¤à¤ªà¤—ार सà¥â€à¤•ोर लो होना
शिशॠको दूध पिलाने में दिकà¥â€à¤•त होना
नसों से संबंधी परेशानी होना
Pregnancy के दूसरे महीने में जामà¥à¤¨ के जितना है बचà¥â€à¤šà¤¾ का साइज
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ का इलाज
कारण के आधार पर आईयूजीआर को ठीक किया जा सकता है। इलाज से पहले डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शिशॠको मॉनिटर करते हैं। शिशॠके अंगों का विकास और नॉरà¥à¤®à¤² मूवमेंट देखने के लिठअलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाया जाता है। हारà¥à¤Ÿ रेट चैक की जाती है और खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ देखने के लिठडॉपà¥â€à¤²à¤° फà¥à¤²à¥‹ सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ की जाती है।
आईयूजीआर के कारण के तहत ही इलाज किया जाता है। इसका निमà¥â€à¤¨ तरह से इलाज किया जा सकता है।
अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ा दें जिससे शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषण मिल सके। अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कम खाना खाती हैं तो इस वजह से शिशॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषण पाने से वंचित रह सकता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने के लिठमां को बेड रेसà¥â€à¤Ÿ यानि पूरी तरह से आराम करने की सलाह à¤à¥€ दी जा सकती है।
कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में जलà¥â€à¤¦à¥€ डिलीवरी करवाने की à¤à¥€ जरूरत पड़ सकती है। इससे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आईयूजीआर से शिशॠको कोई गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने से पहले ही उसे गरà¥à¤ से बाहर निकाल लेते हैं।
जब गरà¥à¤ में शिशॠका विकास पूरी तरह से रूक जाता है या कोई गंà¤à¥€à¤° मेडिकल समसà¥â€à¤¯à¤¾ आती है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डिलीवरी के लिठलेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ करवाया जाता है। आमतौर पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¥à¤°à¥‚ण में शिशॠको जब तक हो सके विकास करने का समय देते हैं।
कà¥â€à¤¯à¤¾ आती हैं जटिलताà¤à¤‚
आईयूजीआर के गंà¤à¥€à¤° रूप लेने पर शिशॠगरà¥à¤ में ही या डिलीवरी के दौरान मर सकता है। कम गंà¤à¥€à¤° मामलों में à¤à¥€ कà¥à¤› जटिलताà¤à¤‚ आ सकती हैं। लो बरà¥à¤¥ वेट वाले शिशà¥à¤“ं में सीखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी, मोटर सà¥à¤•िलà¥â€à¤¸ और सोशल डेवलपमेंट में देरी और इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा बढ़ सकता है।
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